1 अक्टूबर से लागू हो रहा पेंशन से जुड़ा यह खास नियम, आपको करना किया होगा जानिए डिटेल से। 

1 अक्टूबर से लागू हो रहा पेंशन से जुड़ा यह खास नियम, आपको करना किया होगा जानिए डिटेल से।

1 अक्टूबर, 2021 से पेंशन का एक खास नियम लागू होने जा रहा है. इसे पालन करना जरूरी होगा, अन्यथा पेंशन का पैसा पाने में परेशानी हो सकती है।

यह नया बदलाव डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट को लेकर है।

अब यह सर्टिफिकेट देश के सभी हेड पोस्ट ऑफिस के जीवन प्रमाण सेंटर यानी कि JPC में जमा कराए जा सकेंगे।

जिन पेंशनर्स की उम्र 80 साल या उससे ज्यादा है, वे 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2021 तक जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकेंगे।

बाकी पेंशनर्स 1 नवंबर से 30 नवंबर तक लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकेंगे।

जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का काम पोस्ट ऑफिस के जरिये शुरू होने जा रहा है।

इसलिए भारतीय डाक विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि जीवन प्रमाण सेंटर की आईडी समय से एक्टिवेट कर लें, अगर वह पहले से बंद हो तो।

जिन हेड पोस्ट ऑफिस में जीवन प्रमाण सेंटर नहीं हैं, वहां फौरन यह सेंटर बनाने का आदेश जारी किया गया है।

सरकार के मुताबिक जीवन प्रमाण सेंटर बनाने के बाद आईडी एक्टिवेट करनी होगी।

यही काम पोस्ट ऑफिस में कॉमन सर्विस सेंटर के लिए भी होना है।

इसकी अंतिम तारीख 20 सितंबर, 2021 निर्धारित की गई है।

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट का नियम :

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate ) का नियम पिछले साल ही लागा गया था।

लेकिन कोरोना महामारी में बुजुर्गों की सेहत का खयाल रखते हुए इसे रोक दिया गया।

केंद्र सरकार के सभी पेंशनर्स के लिए 1 नवंबर, 2020 से 31 दिसंबर, 2020 तक लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की तारीख कर दी गई थी।

हालांकि 80 साल ऊपर के लोगों की तबीयत और कोरोना महामारी से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मोहलत दी गई,

और उन्हें 1 अक्टूबर 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की छूट दी गई थी।

छूट की इस अवधि में पेंशनर्स को उनका पूरा पैसा जारी किया गया।

पेंशनर्स को क्या करना होगा : 

चूंकि यह काम पूरी तरह से ऑनलाइन हो गया है, इसलिए पेंशनर्स को बैंक की ब्रांच या पोस्ट ऑफिस में जाने की जरूरत नहीं होगी।

जीवन प्रमाण पत्र को ऑनलाइन जमा करने के लिए घर बैठे काम किया जा सकता है।

इसके लिए पेंशनर को आधार नंबर पर बने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट यानी कि DLC से जीवन प्रमाण लेना होगा।

पहले बैंकों या पोस्ट ऑफिस में हाथ से यह सर्टिफिकेट जमा करना होता था।

लेकिन अब यही फैसिलिटी ऑनलाइन मिल रही है।

दरअसल, ऑनलाइन जीवन प्रमाण में एक यूनिक आईडी मिलती है जो DLC का काम पूरा होते ही जनरेट हो जाती है।

इसी आधार पर जीवन प्रमाण पत्र प्रोसेस होता है और यह ऑटोमेटिकली बैंक ब्रांच या पोस्ट ऑफिस की शाखा में भेज दिया जाता है।

इससे पता चलता है कि पेंशनर अभी जीवित है. इसी आधार पर पेंशनर के खाते में पैसे रिलीज किए जाते हैं।

डिजिटल प्रमाण पत्र का फायदा : 

इससे बुजुर्ग पेंशनर्स को बैंक या पोस्ट ऑफिस की लंबी लाइन में नहीं लगनी होगी.

अब सर्टिफिकेट भेजने का काम घर बैठे हो जाएगा और उसी आधार पर खाते में पैसे आ जाएंगे.

एक और नियम में सरकार ने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र लेने के लिए आधार को स्वैच्छिक बना दिया है.

कई पेंशनर ने इस मामले में शिकायत की थी कि आधार कार्ड नहीं होने की वजह से उन्हें पेंशन मिलने में कठिनाई उठानी पड़ रही है अथवा उनके अंगूठे का निशान मेल नहीं खा रहा है.

इसके लिए कुछ सरकारी संगठनों ने जहां 2018 में वैकल्पिक रास्ता निकाला था,

वहीं आधार को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जारी करने के लिए स्वैच्छिक बना दिया गया है.